347 ipc in hindi

347 IPC सम्पत्ति उद्दापित करने के लिए या अवेध कार्य करने के लिए मजबूर करने के लिए सदोष परिरोध – जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध इस प्रयोजन से करेगा की उस परिरुद्ध व्यक्ति से , या उससे हितबद्ध किसी व्यक्ति
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346 IPC In Hindi

346 IPC  गुप्त स्थान में सदोष परिरोध – जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध इस प्रकार करेगा जिससे यह आशय प्रतीत होता हो की ऐसे परिरुद्ध व्यक्ति से हितबद्ध किसी व्यक्ति को या किसी लोक सेवक को ऐसे परिरोध की जानकारी
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345 ipc in hindi

345 आईपीसी ऐसे व्यक्ति का सदोष परिरोध, जिसके छोड़ने के लिए रिट निकाल चुका है- जो कोई यह जानते हुए किसी व्यक्ति को सदोष परिरोध में रखेगा की उस व्यक्ति को छोड़ने के लिए रिट समयुक रूप से निकल चुका है वह
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344 ipc in hindi

344 आईपीसी दस या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध – जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध दस या अधिक दिनों के लिए करेगा , वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से , जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की
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343 ipc in hindi

343  आईपीसी तीन या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध – जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध तीन या अधिक दिनों के लिए करेगा , वह दोनों में से , किसी भांति के कारावास से , जिसकी अवधि दो वर्ष तक
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342 ipc in hindi

342 आईपीसी सदोष परिरोध के लिए दंड – जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करेगा , वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से , जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी , या जुर्माने से , जो एक
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341 ipc in hindi

341 आईपीसी सदोष अवरोध के लिए दंड – जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष अवरोध करेगा , वह सादा कारावास से , जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी , या जुर्माने से , जो पाँच सो रुपये तक का हो
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340 ipc in hindi

आईपीसी सदोष परिरोध – जो कोई किसी व्यक्ति का इस प्रकार सदोष अवरोध करता है की उस व्यक्ति को निश्चित परिसीमा से परे जाने से निवारित कर दे , वह व्यक्ति का “सदोष परिरोध” करता है , यह कहा जाता है ।
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339 Ipc In Hindi

सदोष अवरोध और सदोष परिरोध के विषय में संहिता की धाराए 339 से 348 एक सदोष अवरोध और सदोष परिरोध से संबंधित है । इन धाराओ में इन्हे परिभाषित भी किया गया है और इनके कारित भी किए जाने पर दंड की
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338 ipc in hindi

338 आईपीसी– ऐसे कार्य द्वारा घोर उपहति कारित करना जिससे दूसरों का जीवन या वेयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो जाए – जो कोई ऐसे उतावलेपन या उपेक्षा से की कार्य करने द्वारा , जिससे मानव जीवन या दूसरों का वेयक्तिक क्षेम संकटापन्न हो
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